Pradhan Mantri Gareeb Kalyan Yojana Package 2020 (PMGKY) गरीब कल्याण योजना

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Pradhanmantri Gareeb Kalyan Yojana Package 2020

नवीनतम अपडेट (30 जून 2020) : लोगों को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना, नवंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है। अब प्रत्येक गरीब व्यक्ति को प्रति माह 5 किलो चावल या गेहूं, प्रत्येक परिवार को 1 किलो चना प्रति माह प्राप्त करने का अधिकार है। 80 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ नवंबर तक मिलेगा। अधिक जानकारी नीचे दी हुयी है….

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सरकार ने पीएम गरीब कल्याण पैकेज योजना का लाभ दिव्यांगजनों को देने के लिए आदेश जारी कर दिया है। इस योजना के तहत दिव्यांग पेंशन धारियों को 1000 रूपए की धनराशि 3 माह में प्रदान की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत गरीबों को 2 महीने और मुफ़्त अनाज मिल सकता है। अधिक जानकारी नीचे दी हुयी है…..

कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में देशव्यापी लॉकडाउन के 36 घंटे के भीतर गरीबों की आर्थिक मुश्किलों को लेकर उठ रही तमाम आशंकाओं को सरकार ने दूर कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गरीबों के लिए अन्न और धन दोनों के इंतज़ाम से जुडी राहत योजना का ऐलान किया है। इसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का नाम दिया गया है। इस योजना पर 1.70 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे। कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी जान की बाजी लगाकर इलाज करने में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए इंश्योरेंस पैकेज की भी घोषणा की गयी। इसके तहत सरकारी अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों को 50 लाख का बीमा दिया गया है। इससे 22 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को लाभ मिलेगा। इनमें डॉक्टर से लेकर अस्पताल सफाईकर्मियों तक शामिल है।

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24 मार्च की रात 12 बजे से लॉकडाउन होने के बाद सबसे ज्यादा इस बात को लेकर ही चर्चा चल रही थी कि इस दौरान गरीब कैसे कमाएंगे और कैसे खाएंगे। सरकार की घोषणा के बाद इस चिंता पर विराम लग गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जिनका ख्याल रखा गया है उनमे किसान, मनरेगा के तहत काम काम करने वाले श्रमिक, गरीब, विधवा-बुजुर्ग, जनधन खाता रखने वाली महिलाएं, उज्ज्वला स्कीम में शामिल बीपीएल परिवार, सेल्फ हेल्प ग्रुप व निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिक शामिल है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर सरकार राहत के लिए और भी कदम उठा सकती है।

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गरीबों के खाने का इंतज़ाम

सरकार ने अगले तीन महीने के लिए 80 करोड़ गरीब लोगों के खाने का इंतज़ाम किया है। इसके तहत राशन कार्ड पर प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने पांच किलो गेंहू या चावल मुफ्त दिया जाएगा। अपनी जरूरत के हिसाब से लोग चावल या गेंहू ले सकेंगे। कोरोना से लड़ाई में प्रोटीन की महत्ता को देखते हुए प्रति परिवार एक किलो दाल भी मुफ्त में देने का प्रावधान है। इनके अतिरिक्त राशनकार्ड पर पहले से मिलने वाली सुविधाएं यथावत रहेंगी।

पीएम किसान योजना के तहत किसानों के लिए 2000 रुपए

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत 8.7 करोड़ किसानों के खाते में अप्रैल के पहले सप्ताह में 2000 रुपए डाल दिए जायेंगे। सरकार ने किसानों को तीन माह तक दो दो हजार रुपये देने की व्यवस्था की है।

मनरेगा मजदूरों का वेतन बढ़ा

केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत श्रमिकों के लिए 20 रुपये की मजदूरी (182 रुपये से 202 रुपये) को मंजूरी दी है। मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी में एक अप्रैल से 20 रुपये की वृद्धि की गयी है। लगभग 13.62 कर श्रमिकों को 2000 रुपए तक का फायदा होगा।

महिला जन-धन खाताधारकों के लिए

पीएम जन धन योजना के तहत बैंक खाताधारक 20.40 करोड़ महिलाओं के खाते में तीन माह तक 500-500 रुपए मासिक ट्रांसफर किए जायेंगे। इस हिसाब से तीन महीने में प्रत्येक महिला खाताधारक को 1500 रुपए मिलेंगे।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर

उज्जवला स्कीम से जुड़े आठ करोड़ परिवारों को तीन महीने तक मुफ्त में गैस रिफिल की सुविधा मिलेगी।

गरीब वृद्धावस्था/ विधवा / विकलांग व्यक्ति के लिए

सरकार तीन करोड़ बुजुर्गों, विधवाओं दिव्यांगों को 1000 रुपए की सहायता देगी। यह राशि 500-500 रुपए की दो किश्तों में मिलेगी।

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महिला एसएचजी को लोन देने की सुविधा

महिलाओं के माध्यम से चलने वाले सेल्फ हेल्प ग्रुप को बिना कुछ गिरवी रखे बैंक से दोगुना यानि 20 लाख तक का कर्ज मिलेगा। इससे 6.85 करोड़ परिवारों को मदद मिलेगी।

दवाओं की होम डिलीवरी

26 मार्च 2020 को सीसीईए ने लोगों को उनके घरों में आवश्यक दवाइयाँ सुनिश्चित करने के लिए दवाओं की होम डिलीवरी की योजना को भी मंजूरी दी है। लॉकडाउन के दौरान मेडिकल दुकानों के सामने खरीदारों को सामाजिक भेदभाव सुनिश्चित करने और रोकने के लिए सरकार ने इस योजना को मंजूरी दे दी है।

नियोक्ता और कर्मचारी के लिए ईपीएफ अंशदान का भुगतान सरकार (संगठित क्षेत्र)

केंद्रीय सरकार संगठित क्षेत्र के लिए भविष्य निधि खातों में हाथ और पैसा सुनिश्चित करना चाहती है। तदनुसार, केंद्रीय सरकार अब नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के लिए ईपीएफ योगदान का भुगतान करेगी। यह अगले 3 महीनों के लिए लगभग 24% होगा, जिसमें 100 लोग कार्यरत हैं। इसके अलावा, लगभग 90% कर्मचारी महीने में 15,000 रुपये से कम कमाते हैं। ईपीएफओ योजना विनियमन में 75% राशि या 3 महीने की मजदूरी (जो भी कम हो) की गैर-वापसी योग्य अग्रिम की अनुमति देने के लिए संशोधन किया जाएगा।

सरकार के संविदाकर्मियों को पूर्ण वेतन

एक अन्य प्रमुख घोषणा में कहा गया है कि परिधान निर्यात के लिए केंद्र और राज्य कर सब्सिडी जारी रहेगी। सरकार के सभी संविदाकर्मियों को पूर्ण वेतन का भुगतान किया जाएगा, भले ही कोरोनोवायरस के कारण उत्पन्न व्यवधान हो।

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का पुनर्पूंजीकरण (आरआरबी)

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 1340 करोड़ रुपये के साथ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के पुनर्पूंजीकरण को मंजूरी दे दी है। बैंकों के इस पुनर्पूंजीकरण से उनकी पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR) में सुधार होगा। के रूप में रु 670 करोड़ केंद्र सरकार देगी, 670 करोड़ रुपये विभिन्न बैंकों से एकत्र किए जाएंगे।

कर्मचारियों को उनके पीएफ बैलेंस से गैर-वापसी योग्य अग्रिम की अनुमति देने के प्रस्ताव से कर्मचारियों को उनकी तरलता के मुद्दों से निपटने में मदद मिलेगी। वर्तमान में, गैर-वापसी योग्य अग्रिमों को केवल निर्दिष्ट उद्देश्यों जैसे कि आवास, विवाह आदि के लिए अनुमति दी जाती है। यहां तक ​​कि इन्हें अनुमति भी दी जाती है जहां कर्मचारी ने न्यूनतम सेवा अवधि में रखा हो।

केंद्र सरकार ने 31,000 करोड़ रुपये के निर्माण श्रमिकों के फंड का उपयोग करने के लिए राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं। यह योजना आर्थिक व्यवधान के खिलाफ 3.5 करोड़ पंजीकृत श्रमिकों की रक्षा करेगी क्योंकि कई भवन और निर्माण को रोक दिया गया है। राज्य सरकार कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए चिकित्सा परीक्षण, स्क्रीनिंग गतिविधियों और अन्य आवश्यकता के लिए जिला खनिज निधि का उपयोग भी कर सकती है।

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