यूपी निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2020 लाभ, ऑनलाइन आवेदन

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यूपी निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना ऑनलाइन आवेदन

Latest News :- निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार प्रदेश के विभिन्न जिलों में गौ सफारी बनाएगी। इसमें 15 से 20 हजार गाय प्राकृतिक वातावरण में रह सकती हैं। पूरी जानकारी नीचे दी हुयी है….

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा शुरू की गयी योजना में बेसहारा गोवंश का पालन करने वाले किसानों को 30 रूपए प्रतिदिन प्रति पशु की राशि दी जाएगी। पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गयी इमेज को देखें :-

निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना

निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के अनुसार निराश्रित बेसहारा अवारा पशु गोवंश का पालन करने वाले किसानों को 30 रूपए प्रति दिन के हिसाब से पैसे दिए जायेंगे। इस योजना के तहत किसान भाई आवारा निराश्रित बेसहारा पशुओं का पालन पोषण करके रोजगार प्राप्त कर सकते है और इससे पैसे कमा सकते है। इसके साथ ही रस्ते में घूमने वाले आवारा जानवरों को आवास भी मिल जायेगा।

यूपी निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना

यूपी निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना

यूपी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण केंद्र, गोवंश वन्य विहार, पशु आश्रय गृहसंचालित कर सकती है। 2012 जनगणना के मुताबिक प्रदेश में 205.66 लाख गोवंश है। इनमें 10-12 लाख निराश्रित गोवंश है। इस योजना में एक अरब नौ करोड़ 50 लाख रूपए खर्च होंगे। अगर किसान 10 पशुओं को को सहारा देता है तो प्रतिदिन के हिसाब से वह 300 रूपए कमा सकता है और हर महीना 9 हज़ार की अतिरिक्त आय किसान को मिलेगी। उत्तर प्रदेश की इस योजना से प्रधानमंत्री के 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के सपने को मदद मिलेगी। सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश में 523 पंजीकृत गौशालाओं को राज्य सरकार द्वारा संरक्षित गोवंश के 70% की संख्या को आधार मानकर 30 रूपए प्रति गोवंश 365 दिनों के लिए अनुदान दिया जा रहा है। यह योजना किसानों व पशुपालकों को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी भी बना सकेगी।

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यूपी निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के लाभ

  • पशुओं की ईयर टैनिंग भी की जाएगी जिससे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की सम्भावना कम हो जाएगी।
  • पशुपालकों, किसानों द्वारा आवारा पशुओं आसरा देने निराश्रित पशुओं द्वारा सदल दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
  • पशुपालकों किसानों द्वारा आवारा पशुओं को आसरा देने में खेती में होने वाले नुकसान को भी खत्म किया जा सकता है जो आवारा पशु खेत चार जाते थे वो अब नहीं होगा।
  • इसके अलावा तहसील, ब्लॉक व जिला स्तर पर समिति का गठन होगा। स्थानीय समिति प्रगति से बीडीओ व एसडीएम को अवगत कराएगी।
  • डीएम दफ्तर में पूरा ब्यौरा होने की वजह से किसान व पशुपालक जीतें भी निराश्रित पशुओं को इस योजना के अंतर्गत लिया जायेगा वह गोवंश को बेच नहीं पाएंगे। ऐसा करने सरकार कार्यवाही करेगी।
  • जो भी लोग इसमें भाग लेंगे उनको प्रति गोवंश 30 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से सहायता दी जाएगी।

ऐसा माना जा रहा है कि इस योजना की शुरुआत बुंदेलखंड से शुरू किया जा सकता है जहां आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। छुट्टा जानवर होने की वजह से पूरे राज्य में किसानों की फसल को नुकसान होता है और ये सड़कों पर हादसे का कारण भी बनते है।

निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन

इस योजना के ऑनलाइन आवेदन अभी शुरू नहीं हुए है लेकिन इसका पोर्टल बना दिया गया है। इसके अलावा तहसील, ब्लॉक व जिला स्तर पर समिति का गठन होगा। स्थानीय समिति प्रगति से बीडीओ और एसडीएम को अवगत कराएगी।

यूपी निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना की अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें
फ़ोन नंबर0522-2740482
ईमेल आईडीdir-ah.up@nic.in
गाइडलाइन्सयहां क्लिक करें

अगर आपको यूपी निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना से सम्बंधित कोई भी प्रश्न पूछना हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है , हमारी टीम आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करेगी। अगर आपको हमारी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकते है ताकि वो भी इस योजना का लाभ उठा सके।

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