How to File Income Tax Return (ITR) E-Filling Online -आयकर रिटर्न कैसे भरें

Share with your Friends

how to file income tax return itr for central government itr status panelty itr फाइल के फायदे इनकम टैक्स रिटर्न कैसे फाइल करें ITR filling mode

How to File Income Tax Return आयकर रिटर्न (इनकम टैक्स) कैसे भरें

LATEST UPDATE : Big News !! Non Verified ITR Return Form will be cancelled & Tax Payer not get any refund. 5.65 Crore Citizens has filed ITR out of whicn 2.04 Crore Tax Payers has not verified their ITR Filling Form. Adhar OTP Verification is better option so tax payer can use this. Read full news from Image below…

Now Income Tax Payers need not to apply Separately for Pan Card. Filing ITR Return using Adhar, department will issue Pan Card Automatically. This Rule is effective from 01 September, 2019. read full news from Image below…

अगर आपके एक या उससे अधिक बचत खातों में 10000 रूपए से अधिक ब्याज आती है तो आपको इस आय पर कर चुकाना पड़ सकता है। पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गयी इमेज को देखें :-

आयकर विभाग ने वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न में कुछ बदलाव किये है। टीडीएस छूट के लिए किरायदार के पैन जानकारी देनी होगी। पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गयी इमेज देखें :-

इनकम टैक्स रिटर्न भरना प्रत्येक भर्ती नागरिक का अधिकार है। हर साल फाइनेंसियल ईयर खत्म होने के बाद हर व्यक्ति को इनकम टैक्स देना होता है। इसमें व्यक्ति को अपनी आमदनी का ब्यौरा देना होता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है।

How to File Income Tax Return
How to File Income Tax Return

वह व्यक्ति जिसकी आय 5 लाख से ज्यादा होती है उसे इनकम टैक्स रिटर्न भरना होता है। अगर अपने को एफडी में निवेश किया है तो इससे आने वाली ब्याज भी आपकी इनकम होगी तथा इसका रिटर्न भरना होगा। अगर आपने अपना मकान किराये पर दिया है तो उससे होने वाली आय का भी इनकम टैक्स रिटर्न भरना होता है। सैलरी तथा सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज का साथ साथ खिन और से भी आपकी इनकम होती है तब भी आपको उसका इनकम टैक्स रिटर्न भरना पड़ता है।

UP Property Registration Apply Online Application Status के लिए यहां क्लिक करें 

देर से भरने पर जुर्माना

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है। अगर आप इसे भरने में देरी करते है तो आपको जुर्माना हारना पड़ सकता है। अगर आप ITR 1 सितम्बर से 31 दिसंबर के बीच भरते है तो आपको 5000 रूपए तक का जुर्माना भरना पड़ेगा लेकिन अगर आपकी सालना इनकम 5 लाख रूपए से कम है तो जुर्माने की रकम 1000 रूपए देनी होगी। अगर आप 1 जनवरी से 31 मार्च तक रिटर्न फाइल करते है तो आपको 10 हज़ार रूपए जुर्माना भरना पड़ेगा।
अगर आपकी इनकम टैक्स की कोई देनदारी बनती है तो रिटर्न देर से फाइल करने पर पेनेल्टी के साथ साथ 1% हर महीने ब्याज भी देना होगा।

ITR फाइल करने के फायदे

  • यदि आप अपना कारोबार शुरू करने जा रहे हैं तो आपके लिए आईटीआर बहुत महत्वपूर्ण है। यही नहीं, अगर आप कोई कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना चाहते हैं तो आपको आईटीआर दिखाना पड़ेगा। किसी सरकारी विभाग में ठेका हासिल करने के लिए पिछले पांच साल का इनकम टैक्स रिटर्न दिखाना पड़ता है।
  • अगर आप नियमित तौर पर आईटीआर फाइल करते हैं तो आपको बैंक से कार या होम लोन, क्रेडिट कार्ड आदि आसानी से मिल जाते हैं।
  • अगर आप एक करोड़ रुपये का इंश्योरेंस कवर (टर्म प्लान) लेना चाहते हैं तो इंश्योरेंस कंपनियां आपसे आईटीआर प्रूफ मांग सकती हैं।
  • यदि आप कारोबार या नौकरी के सिलसिले में विदेश जाना चाहते हैं तो आपके लिए आईटीआर जरूरी है। बहुत से विदेशी दूतावास वीजा एप्लिकेशन के साथ पिछले दो साल का आईटीआर मांगते हैं।
  • आईटीआर की कॉपी आपके लिए रेसिडेंशल प्रूफ का काम करती है। आप इसका उपयोग सभी सरकारी कामों में कर सकते हैं।

ITR फिलिंग के लिए मोड

  1. ऑनलाइन मोड:- इस प्रक्रिया में आईटीआर फाइल करने के लिए 15 मिनट का समय मिलता है। पूरा फॉर्म भरने के बाद आपको फ़ौरन जमा करना पड़ता है। इसमें समय की पाबंदी है। हालांकि इसका फायदा यह है कि रिटर्न फाइल करने का कंफर्मेशन आपको ई-वेरिफिकेशन के जरिए तुरंत मिल जाता है।
  2. ऑफलाइन मोड:- ऑफलाइन प्रक्रिया में आप आईटीआर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं और आराम से बैठकर भर सकते हैं। इसमें समय की कोई पाबंदी नहीं होती। फॉर्म भरने के बाद इसे सेव करना होता है और फिर इनकम टैक्स की वेबसाइट पर लॉगइन कर इसे अपलोड कर सबमिट करना होता है।
  3. व्यक्तिगत रूप से:- यदि आप फॉर्म भरते समय कंप्यूटर का प्रयोग नहीं करना चाहते तो आईटीआर फॉर्म डाउनलोड करके या बाजार से खरीदकर उसे भरें और फिर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में व्यक्तिगत रूप से जाकर जमा कराएं और वहां से स्टांप लगवाकर रसीद ले लें।

इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए फॉर्म

IRT 1: इसे सहज के नाम से भी जाना जाता है। यह सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और अन्य स्रोत के जरिए कुल 50 लाख रुपये सालाना तक की आय वालों के लिए होता है। पहले जानिए कि अन्य स्रोत का मतलब क्या होता है।

दरअसल, किसी भी व्यक्ति की आमदनी के पांच मुख्य स्रोत होते हैं। पहला- सैलरी। दूसरा- हाउसिंग प्रॉपर्टी में किराए से आमदनी। तीसरा- बिजनेस या प्रोफेशन तरीके से इनकम। चौथा- कैपिटल गेंस (शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड, हाउस प्रॉपर्टी और जूलरी बेचने आदि से हुआ प्रॉफिट) और पांचवां- इन चारों से अलग आमदनी का जो भी स्रोत होगा। यह स्रोत अन्य में आएगा।

ITR 2: यह फॉर्म उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए होता है, जिनकी इनकम बिजनेस या प्रोफेशन से नहीं होती। इनकी आय हाउस प्रॉपर्टी या पूंजी के जरिए अर्जित होती है। अगर किसी के पास कुछ विदेशी संपत्ति है या उसे विदेश से कमाई है, उसे आईटीआर फॉर्म 2 भरना होगा।

ITR 3: यह फॉर्म उन लोगों के लिए भरना जरूरी होता है, जो खुद बिजनेस कर रहा हो या किसी प्रोफेशन से आमदनी हासिल कर रहे हों।

नोट: इनके अलावा और भी फॉर्म हैं, जिनकी जरूरत बिजनेस और अन्य से जुड़े लोगों के लिए होती है। इसके लिए एक्सपर्ट से जानकारी लें।

How to File Income Tax Return

  • आपको सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पर जाना होगा।
  • वहां Register Yourself पर क्लिक करें।
register yourself
register yourself
  • अब आपके सामने एक पेज खुलकर आएगा वहां आपको यूजर टाइप सेलेक्ट करना है फिर Continue बटन पर क्लिक करें।
registration
registration
  • अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलकर आ जायेगा। अब आपको अपना अकाउंट क्रिएट करना है। एक बार जब आपका अकाउंट बन जाता है तो आप अपनी उसे आईडी जो कि अपना पैन नंबर होता है तथा पासवर्ड का उपयोग करके कभी भी कर सकते है।
  • अब आप फॉर्म 26AS में जा सकते है। यह फॉर्म इनकम टैक्स भरने वाले व्यक्ति के लिए टैक्स असेसमेंट होता है जिसके द्वारा यह बताया जाता है कि प्रत्येक पैन नंबर के लिए कितनी राशि दी जनि है। इसके द्वारा टीडीएस, एडवांस टैक्स तथा सेल्फ असेसमेंट आदि को भी बताया जाता है। इस 26AS फॉर्म को खोलने के लिए पासवर्ड आपका डेट ऑफ़ बर्थ होता है। इसमें बैंक FD में कटे गए टीडीएस की भी जानकारी होती है।
  • इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म डाउनलोड करने के लिए लेफ्ट साइड के मेनू में ही डाउनलोड ITR लिंक पर क्लिक करना होता है। इसके बाद आप इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म डाउनलोड कर सकते है। हर व्यक्ति अपनी कंडीशन के अनुसार ITR 1, 2 या अन्य फॉर्म डाउनलोड कर सकता है।
  • जब आप इनकम टैक्स रिटर्न का फॉर्म भर रहे हो तो आपको साडी जानकारी बहुत ही सावधानीपूर्वक भरनी होगी। इस फॉर्म में आपको अपना नाम, पैन कम्पलीट एड्रेस, जन्म तिथि ईमेल आईडी मोबाइल नंबर रेजिडेंशियल एड्रेस आदि फॉर्म में भरना होता है। इसके साथ ही आपको अपनी आय का ब्यौरा देना होता है। सबसे महत्वपूर्ण चीज़ आपको अपना अकाउंट नंबर अकाउंट टाइप IFSC कोड आदि भरना होता है।
  • अब आपको यह सत्यापित करना होगा कि अपने जो भी जानकारी दी है वो सही है इसके लिए Validate बटन पर क्लिक करना होगा।
  • जब आप अपनी सारी डिटेल भर देते है तो उसके बाद कैलकुलेट टैक्स बटन पर क्लिक करना होगा तथा आपके द्वारा कोई राशि देने के लिए है तो वह शो कर दी जाती है। तो आपको राशि डिपाजिट करनी होती है तथा चालान डिटेल फॉर्म में देनी होगी।
  • जब आपके द्वारा सारे टैक्स भर दिए गए गए है तो उसके बाद Generate XML बटन पर क्लिक करें। XML के द्वारा जो फाइल डाउनलोड होगी उसे अपने पास सेव करके रख ले।
  • इनकम टैक्स रिटर्न सबमिट करने के बाद आपको इनकम टैक्स वेबसाइट ई-फिलिंग अकाउंट पर जाना है तथा अपलोड रिटर्न पर क्लिक करना है। इसके बाद ITR फॉर्म की सारी डिटेल को फिल करना है। फिर XML फाइल को अपलोड तथा सबमिट करना है। इस सबके बाद आपका ITR-V generate हो जाता है और आपकी मेल आईडी पर भेज दिया जाता है।
आधिकारिक वेबसाइट यहां क्लिक करें
फ़ोन नंबर यहां क्लिक करें
ITR Status देखने के लिए यहां क्लिक करें
लॉगिन यहां क्लिक करें
रजिस्ट्रेशन यहां क्लिक करें

अगर आपको इनकम टैक्स रिटर्न से सम्बंधित कोई भी प्रश्न पूछना हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है , हमारी टीम आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करेगी। अगर आपको हमारी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकते है ताकि वो भी इस योजना का लाभ उठा सके।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *