Direct Benefit Transfer (DBT) Farmer Fertilizer Subsidy Scheme किसान खाद सब्सिडी

Share it with your Friends

direct benefit transfer dbt fertilizer subsidy डीबीटी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर खाद सब्सिडी 2019 2020 dbt 2.0

Direct Benefit Transfer (DBT)

Latest News :- उर्वरक विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के द्वारा POS रसीद के बिना उर्वरक न खरीदे और आधार कार्ड साथ रखें। पूरी जानकरी के लिए नीचे दी गयी इमेज को देखें :-  

सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के दूसरे चरण में खाद सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पीओएस मशीन का प्रयोग किया जायेगा। पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गयी इमेज को देखें :- 

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) डिवीजन का नेतृत्व अतिरिक्त सचिव करता है, जिसे एक निदेशक (DBT) द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रभाग को सौंपा गया कार्य उर्वरक में डीबीटी का कार्यान्वयन है; देश में सभी डीबीटी संबंधित गतिविधियां, एनआईसी के साथ समन्वय, डीबीटी पीएमयू / राज्य और जिला समन्वयक, आईएफएमएस संबंधित गतिविधियों आदि का प्रशासन। Fertilizer Department ने 17 जिलों में 1 october 2016 को पायलट आधार पर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली लागू की है।

direct benefit transfer

direct benefit transfer

केंद्र सरकार घरेलु रसोई गैस सिलेंडर मिलने वाली सब्सिडी की तरह खाद सब्सिडी की रकम भी सीधे किसानों के खातों में डालेगी। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 74000 करोड़ रूपए की उर्वरक सब्सिडी का भुगतान किया गया है। चालू वित्त वर्ष 2019-20 में उर्वरक सबबसीडी का भुगतान करने के लिए लगभग 78000 करोड़ रूपए का बजट रखा गया है। सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के दूसरे चरण में किसानों को उर्वरक की सब्सिडी सीधे उनके खातों में भेजेगी। अक्टूबर 2017 में इस योजना का पहला चरण शुरू किया गया था जिसके तहत पॉइंट ऑफ़ सेल (पीओएस) मशीन के माध्यम से खुदरा बिक्री के आंकड़ों की जाँच के बाद कंपनियों को सब्सिडी ट्रांसफर की जाती थी।

किसान जीरो बजट खेती कैसे करें के लिए यहां क्लिक करें

DBT के लाभ

  • प्रस्तावित डीबीटी ढांचा राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की जा रही एक लाभार्थी संचालित सब्सिडी भुगतान प्रणाली है।
  • यह लाभार्थियों के आधार सीडेड डेटा बेस बनाता है और खरीदारों के स्तर पर लेनदेन दृश्यता प्रदान करता है।
  • वास्तविक बिक्री को सब्सिडी के भुगतान से जोड़कर, यह मूल्य श्रृंखला के साथ धन का अधिक पारदर्शी और तेज ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है यानी निर्माताओं से लाभार्थियों तक।
  • उर्वरकों का डायवर्जन कम से कम होने की उम्मीद है।

सालाना सब्सिडी

सरकार किसानों को फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद देने के लिए उर्वरक सब्सिडी के रूप में सालाना 70000 करोड़ रूपए से अधिक का बोझ पड़ेगा। एक अधिकारी ने इस बारे में कहा कि हम किसानों के बैंक खातों में सीधे उर्वरक सब्सिडी पहुंचाने की कोशिश कर रहे है। इसे कब और कसे लागू किया जाये इस पर चर्चा चल रही है।

कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकेंगे विक्रेता

सरकार खुदरा विक्रेताओं को कामकाज सही तरीके से करने के लिए पीओएस मशीन के साथ कंप्यूटर का उपयोग करने की अनुमित देकर मौजूदा उर्वरक डीबीटी में सुधार लाने की योजना बना रही है। पीओएस मशीन में छोटी स्क्रीन होती है, खुदरा विक्रेताओं को कभी-कभी इसके उपयोग में समस्याओं का सामना करना पड़ता है पीओएस के अलावा खुदरा विक्रेताओं के पास इसके उपयोग में समस्याओं करना पड़ता है। देश में 2.25 लाख खुदरा खाद विक्रेत है, पीओएस मशीन को ख़त्म नहीं किया जाएगा।

DBT की अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

अगर आपको डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से सम्बंधित कोई भी प्रश्न पूछना हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है , हमारी टीम आपकी मदद करने की पूरी कोशिश करेगी। अगर आपको हमारी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों को भी शेयर कर सकते है ताकि वो भी इस योजना का लाभ उठा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *